- सुरेश प्रसाद आजाद
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आज जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में जिले में बाल विकास परियोजना के तहत संचालित सेवाओं एवं योजनाओं की मासिक समीक्षा बैठक हुई। जिला पदाधिकारी द्वारा बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने सभी सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर को निर्देश दिया कि लगातार केंद्रों का निरीक्षण करें। जिलाधिकारी ने सभी एलएस को निर्देश दिया कि अपने लक्ष्य के विरूद्ध ऑगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करना सुनिश्चित करें साथ ही कहा कि लक्ष्य के 75 प्रतिशत से कम केन्द्रों का निरीक्षण करने वाले एलएस का वेतन अवरूद्ध करने का निर्देश डीपीओ आईसीडीएस को दिया गया।
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डीपीओ आईसीडीएस द्वारा बताया गया कि जिले में कुल 2670 आंगनबाड़ी केंद्र है। जिसमें 1067 आंगनबाड़ी केंद्रों का अपना भवन है। उन्होंने बताया कि 0 से 01 वर्ष वाले बच्चों का मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में 11762 लाभुकों को पंजीकृत किया गया है, जबकि 01 से 02 वर्ष वाले बच्चों का 224 लाभुकों का पंजीकृत किया गया है। जिला पदाधिकारी ने सभी महिला पर्यवेक्षकों को कहा कि केंद्र की जांच उनकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जांच के क्रम में प्रधान मंत्री मातृत्व वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, पोषण ट्रैकर पर एंट्री की केंद्रवार समीक्षा करने का निदेश दिया गया।
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उन्होंने लाभुकों के पोषण ऐप से चेहरा सत्यापन के बाद ही केंद्रों में पोषाहार का वितरण ससमय करने का निदेश दिया। बच्चों का टीएचआर का वितरण ससमय पर एवं सही मानक के अनुरूप करने का निर्देश दिया। बाल संरक्षण के समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि परवरिश योजना के तहत एचआईवी एवं कुष्ट मरीजों का सदर अस्पताल से डाटा संग्रह कर ऐसे परिवारों को परवरिश योजना का लाभ देना सुनिश्चित करें।
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जिला पदाधिकारी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय का निर्माण एवं पेयजल के लिए चापाकल अथवा नल-जल का कनेक्शन लेना निश्चित रूप से सुनिश्चित करें। उन्होंने महिला पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि प्रतिदिन कम से कम पांच आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच अवश्य करें तथा सेविकाओं द्वारा वितरित टीएचआर का डाटा अपलोड करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों का वेट मशीन की उपलब्धता का अनुश्रवण महिला पर्यवेक्षकों को करने का निर्देश दिया।
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आज इस बैठक में बाल संरक्षण प्रभारी डॉ0 राज कुमार सिंहा, डीपीओ आईसीडीएस श्रीमती निरुपमा शंकर के साथ-साथ सभी सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर उपस्थित थे।
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